
Bjp सरकार के खिलाप ही पहुच गई ईडी
केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी पर यह आरोपलगातार लगते रहे हैं कि वह बीजेपी नेताओं के इशारे पर काम करती है जहां बीजेपी मुश्किल में होती है वहां ईडी सक्रिय हो जाती है लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट में एक दिलचस्प मामला पहुंचा ईडी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई और बीजेपी शासित राज्य से केस ट्रांसफर करने की डिमांड की गई जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को ही जमकर फटकार लगा दी तो क्या है
पूरा मामला देखिए इस रिपोर्ट में
बीजेपी शासित राज्य छत्तीसगढ़ में 10 साल पहले एक बड़ा घोटाला सामने आया था 2015
में जब छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार थी और रमन सिंह राज्य के सीएम थे उस समय नागरिक आपूर्ति निगम में चावल खरीद और उसके वितरण में धांधली की खबरें आई मामले में जल्दी ही ईडी की एंट्री हो गई
और अब ईडी का कहना है कि छत्तीसगढ़ का क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम जांच को प्रभावित कर रहा है बीजेपी शासित राज्य में गवाहों को धमकाया जा रहा है और ईडी पर भी राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हो रही है ईडी की मांग है कि इस केस को नई दिल्ली में पीएमएलए के तहत स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर किया जाए
इसके अलावा इस मामले में नए सिरे से ट्रायल भी चलाया जाए ईडी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में यह भी कहा गया कि मामले में आरोपी पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टूटेजा के कांग्रेस नेता भूपेश बघेल से करीबी संबंध है सबसे बड़ी बात तो यह है कि भूपेश बघेल इस समय सिर्फ छत्तीसगढ़ के विधायक हैं
कांग्रेस राज्य में विपक्ष में है ऐसे में ईडी की यह दलील कि उस परसियासी दबाव है यह सुप्रीम कोर्ट में नहीं टिक पाई और कोर्ट ने इसे लेकर ईडी को ही जमकर फटकार लगा दी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ईडी के पास मूल अधिकार हैं तो फिर ऐसे ही राइट्स आम जनता के भी हैं
आर्टिकल 32 के तहत तभी अर्जी दाखिल हो सकती है जब मूल अधिकारों का उल्लंघन हुआ हो यह हैरानी की बात है कि ईडी जैसी एजेंसी ने सरकार की एजेंसियों के खिलाफ ही अर्जी दाखिल की है सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस बार ईडी की अर्जी राज्य की बीजेपी सरकार के खिलाफ थी लेकिन कोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए ईडी ने अपनी याचिका को वापस ले लिया क्योंकि ईडी की कोशिश आरोपी को सिर्फ परेशान करने की दिखाई दे रही थी